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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

झारखंड कांग्रेस में कमजोर कड़ी कौन:तीन मंत्रियों पर लटक रही है तलवार, नये चेहरों को मिल सकता है मौका, महिला विधायकों की चर्चा तेज

हेमंत सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के तीन मंत्रियों के पद पर तलवार लटक रही है। आलाकमान ने सभी मंत्रियों के प्रदर्शन का आकलन किया है। इसमें जिनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होगा, वे मंत्रिपरिषद से हटाए जा सकते हैं। उनके स्थान पर नए चेहरे को जगह दी जाएगी।
संकट में कुर्सी
झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस कोटे के तीन मंत्रियों की कुर्सी संकट में है। कांग्रेस आलाकमान की तरफ से यह संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस ऐसे मंत्रियों को जिम्मेदारी से मुक्त करने का मन बना रही है जो बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे मंत्रियों की सूची में तीन मंत्रियों का नाम सबसे आगे चल रहा है। कांग्रेस आलाकमान इन तीनों को हटाकर किसी नये चेहरे को मौका देना चाहती है।
किन्हें मिलेगा मौका ?

कांग्रेस अभी इस पर मंथन कर रही है कि वो इन तीन चेहरे की जगह पर किन्हें यह अवसर दिया जा सकता है। कांग्रेस कोटे से अब तक किसी महिला चेहरे को आगे नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह को पार्टी में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है, उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पूर्णिमा की पहचान एक प्रखर वक्ता के रूप में है और लंबे समय से वह दिल्ली के चक्कर लगा रही है। ऐसे में संभव है कि पार्टी उन पर भरोसा करे।
क्यों लग रहा है फैसला लेने में वक्त
कांग्रेस किसी फैसले पर पहुंचने से पहले इस बात पर भी फोकस कर रही है कि पार्टी इस फैसले से मजबूत हो। अंतिम निर्णय तक पहुंचने के लिए दल के विधायकों समेत संगठनात्मक स्तर पर मिली शिकायतों पर भी चर्चा की जा रही है। कांग्रेस लंबे समय से झारखंड की राजनीति में प्रयोग करने का मन बना रही है। राहुल इस वक्त भारत जोड़ो यात्रा पर हैं यही वजह है कि पार्टी को लेकर अहम बैठकों में वह शामिल नहीं हो पा रहे। मल्लिकार्जुन खड़गे एक चर्चा के बाद ही फैसले लेने के पक्ष में हैं।
महिला विधायकों के नाम की चर्चा तेज
कांग्रेस ने जिन तीन नामों को रडार में लिया है उनमें मुख्य रूप से ऐसी शिकायत भी शामिल हैं जो कांग्रेस के नेताओं ने ही चिट्ठी लिखकर की है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की यह शिकायत कांग्रेस के पास पहुंची है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के बाद नेता उन्हें महत्व नहीं देते। विधायकों ने भी शिकायत की है कि उनके क्षेत्र में भ्रमण और कार्यक्रम तय होने के बावजूद उन्हें मंत्री सूचित नहीं करते।
महिला विधायक को मौका देने की चर्चा लंबे समय से चल रही है। भले ही राजनीतिक गलियारों में पूर्णिमा नीरज सिंह का नाम चर्चा में आगे हो लेकिन महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह और बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद के नाम की भी चर्चा की जा रही है।

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