भोले के भक्तों को मिली सौगात, स्वर्णरेखा घाट पर बनेगा 100 बेड का आश्रयगृह

सावन: कांवरियों के लिए रांची में 100 बेड का आश्रय गृह पवित्र सावन माह के दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों के सफर को सुगम बनाने के लिए रांची नगर निगम ने व्यापक तैयारियां आरंभ कर दी हैं। इस वर्ष चुटिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध स्वर्णरेखा नदी घाट पर 100 बिस्तरों (बेड) का एक अस्थायी रैन बसेरा/आश्रयगृह निर्मित किया जाएगा, जहां दूर-दराज से आने वाले शिवभक्त आराम कर सकेंगे। इस आश्रय केंद्र में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
इसके साथ ही, स्वर्णरेखा घाट से लेकर पहाड़ी मंदिर तक के पूरे कांवरिया मार्ग में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। मार्ग के बिजली पोलों पर आकर्षक और चमकदार रोप लाइट्स लगाई जाएंगी ताकि रात्रि के समय यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मेडिकल टीम, पेयजल और सफाई की रहेगी विशेष व्यवस्था
कांवरियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्ग में स्थान-स्थान पर चिकित्सकीय दलों (मेडिकल टीमों) की तैनाती की जाएगी, जहां प्राथमिक उपचार की सुविधा रहेगी। पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए पूरे मार्ग में कई जगहों पर पानी के टैंकर खड़े किए जाएंगे।
स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वर्णरेखा घाट, पूरे कांवरिया पथ और प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर परिसर के आसपास नियमित सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरे के त्वरित निस्तारण हेतु अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सभी संबंधित विभागों से तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मेयर रोशनी खलखो ने जानकारी दी कि शिवभक्तों की सुविधा के लिए इस बार विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं और इतिहास में पहली बार स्वर्णरेखा घाट पर श्रद्धालुओं के विश्राम हेतु ऐसा आश्रयगृह तैयार किया जा रहा है।
