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October 27, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

BIT मेसरा के दो छात्रों ने किया कमाल, कुशाग्र को 1.40 और अंकित को 1.09 करोड़ रुपये का मिला पैकेज

झारखंड के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान बीआईटी मेसरा (BIT Mesra) के दो होनहार विद्यार्थियों ने इस साल के कैंपस प्लेसमेंट में इतिहास रचते हुए अपने कॉलेज और राज्य का नाम रोशन किया है। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) ब्रांच के छात्र कुशाग्र सहाय को 1.40 करोड़ रुपये और अंकित कुमार को 1.09 करोड़ रुपये का बंपर सालाना पैकेज मिला है। दुनिया की जानी-मानी प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म कंपनी लिंक्डइन (LinkedIn) ने इन दोनों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (SDE) के पद के लिए चुना है।

पारिवारिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि की बात करें तो कुशाग्र रांची के निवासी हैं, वहीं अंकित कुमार पलामू (डालटेनगंज) के रहने वाले हैं। इन दोनों छात्रों की इस अविश्वसनीय सफलता पर संस्थान के डायरेक्टर, सभी शिक्षकों और उनके दोस्तों ने उन्हें बधाई देते हुए सुनहरे भविष्य की कामना की है।

मजबूत फंडामेंटल और लगातार अभ्यास से मिली कामयाबी

अपनी इस शानदार उपलब्धि पर अनुभव साझा करते हुए कुशाग्र सहाय ने बताया कि कॉलेज के शुरुआती दिनों से ही उन्होंने अपने सीनियर्स के साथ मजबूत तालमेल बना लिया था, जिससे उन्हें प्लेसमेंट की बारीकियों को समझने में बहुत मदद मिली। उन्होंने कॉलेज के कोडिंग क्लब का हिस्सा बनकर कई बड़े टेक्निकल प्रोजेक्ट्स पर काम किया। कंप्यूटर साइंस के मुख्य विषयों पर थ्योरी मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान (प्रैक्टिकल नॉलेज) को निखारने पर ज्यादा ध्यान दिया। कुशाग्र द्वारा बनाए गए कुछ सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स आज भी विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव हैं, जिसका बड़ा फायदा उन्हें इंटरव्यू के दौरान मिला। उनका मानना है कि कोर बेसिक्स का मजबूत होना, लगातार कोडिंग करना और नई तकनीकों को सीखते रहना ही सफलता का असली मंत्र है। कुशाग्र के पिता मनीष सीसीएल (CCL) में कार्यरत हैं और माता स्मिता नारायण एक पीजीटी टीचर हैं।

कोडिंग का शौक बना करोड़ों के पैकेज का आधार

पलामू के रहने वाले अंकित कुमार ने बताया कि कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और नई कोडिंग स्किल्स सीखने का उन्हें बचपन से ही काफी शौक था, जिसे उन्होंने आगे चलकर अपना करियर विकल्प बनाया। कॉलेज के दौरान उन्होंने लगातार कॉम्पिटेटिव प्रोग्रामिंग में हिस्सा लिया और डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिद्म, ऑपरेटिंग सिस्टम तथा डीबीएमएस (DBMS) जैसे कठिन विषयों पर अपनी गहरी पकड़ बनाई। अंकित ने कॉलेज की एकेडमिक पढ़ाई और आईटी सेक्टर की आधुनिक जरूरतों के बीच सही तालमेल बिठाकर अपनी तैयारी जारी रखी। उनका कहना है कि टेक कंपनियां अब सिर्फ डिग्री नहीं देखतीं, बल्कि कैंडिडेट की प्रॉब्लम सॉल्विंग क्षमता और वास्तविक हुनर को ज्यादा आंकती हैं। अंकित ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने दादा अनिरुद्ध प्रसाद के अटूट मार्गदर्शन और माता-पिता के सपोर्ट को दिया है। अंकित के पिता अश्विनी कुमार पलामू एसपी ऑफिस में फैसिलिटी मैनेजर हैं और मां भावना देवी एक कुशल गृहिणी हैं।

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