CHANDIL : काश ! चाण्डिल प्रशासन सजग होते तो आज राहगीरों की दुर्दशा यह देखने को नहीं मिलता…

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)
SERAIKELLA : चाण्डिल थाना भवन के ही नजदीक चाण्डिल बाजार जो सदियों से अपेक्षित है। सुरक्षा के दृष्टिकोण में जहाँ कई सवाल खड़ा होता है उन सबसे अधिक यातायात मार्ग को लेकर। बाजार में अचानक कभी कभी वाहनों की लंबी कतार में सड़क जाम की स्थिति बन जाना यह तो आम बात है ।
जहाँ सैकड़ों व्यवसायियों के जाने माने व्यावसायी प्रतिष्ठान होने के बावजूद चाण्डिल बाजार में सामुदायिक रूप से वाहनों की पार्किंग के लिए आज तक व्यवस्था नहीं किया गया और न ही स्थानीय प्रशासन या कोई जन प्रतिनिधि इस पर पहल किये। वाहनों की पार्किंग व्यवस्था न रहने की कारण खासकर स्थानीय व्यवसायीयों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। वहीं यातायात मार्ग भी कहीं कहीं जर्जर स्थिति में है, जिसकी मरम्मती के लिए भी विभाग कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
जिससे की सड़क कहीं कहीं कुंआ नुमा गड्ढे में तब्दील हो गया है। जहाँ राहगीर हो या बाइक सवार दुर्घटना का हमेशा संभावना बनी हुई है। ऐसे ही चाण्डिल बाजार से एक मामला सामने आया कि गत रविवार रात को बाईक में सवार पति पत्नी दुर्घटना का शिकार हो गया। बता दें कि चाण्डिल बाजार मार्ग की तांती बांध समीप एक कुंआ नुमा गड्ढे में बाइक में सवार दंपती असंतुलन होकर गिर गई जिससे महिला की सिर में गंभीर चोटें आई।
मिली जानकारी के अनुसार कपाली ओपी अंतर्गत चिरुगोड़ा गाँव के अजय मुर्मू (45) व विमला मुर्मू (35) दोनों बाइक से चाण्डिल की शुखसारी गाँव से लौटने की क्रम में यह घटना घटी। बताया गया की उक्त घटना स्थल में सड़क पर गड्ढा था जिसमे बरसात का पानी भरा हुआ था जिसे सड़क जैसा समतल समझकर पार करने की दौरान बाईक की आगे की पहिया गड्ढा में फंस गया और वे दोनों पति पत्नी असंतुलन होकर गिर गई। जिससे बाईक सवार अजय मुर्मू को हल्की चोट आई जबकि उनके पत्नी को सिर में गंभीर चोटें आई ।
घटना के तत्पश्चात आस पास के दुकानदारों की सहयोग से उन दंपति को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया। जहाँ उन दोनों की प्राथमिक उपचार कर विमला मुर्मू को एमजीएम रेफर कर दिया। इधर डॉ0 एच एस शेखर ने बताया कि महिला को सिर में अंदरूनी गंभीर चोट आने की कारण बेहतर चिकित्सा हेतु एमजीएम रेफर कर दिया गया।
बता दूं कि इस घटना से अगर स्थानीय प्रशासन सजग हो जाए तभी आगे ऐसी घटनाओं को नियंत्रण किया जा सकता है। बताते चलें कि मौसम की बदलाव को देखते हुए समय के रहते ही विभाग द्वारा सड़क की मरम्मती पर पहल किया जाना चाहिए जिससे कि आए दिन ऐसी घटनाओं से राहगीरों को निजात मिल सके।
