चाण्डिल : विस्थापितों की हित में विस्थापित नेता राकेश ने विधायक को सौंपा 13 सूत्रीय मांग पत्र….

बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055(wa)
Chandil : नव निर्वाचित झारखंड सरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडल के बाद विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने जलसंसाधन मंत्री हफीजुल हसन से उनके आवास पर मिलकर विस्थापितों की समस्या तथा वर्षों से कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखे जाने की सूचना से अवगत कराया। वहीं विस्थापितों को न्याय दिलाने हेतु निरंतर मंत्री, विधायक, विभाग के अधिकारियों के पास जा जाकर समस्या को अवगत करा रहे है। बता दे की कुछ ही दिन पूर्व उन्होंने मुख्य अभियंता,अपर निदेशक, पुनर्वास पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता समेत कई विभागीय दफ्तर में RL गणना के गंभीर विषय पर संज्ञान दिया था । जिस पर विधायक सविता महतो ने भी संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई में RL मानक छोड़कर वास्तविक डूबा गांव पर विकास कार्य करने के लिए निर्देश दिए। इधर विधायक के आवास में मिलकर उसे धन्यवाद दिया तथा ईचागढ़ विधानसभा में दोबारा विधायक चुने जाने पर उन्हें गुलदस्ता भेंट करके बधाई दिए। 2 दिन पूर्व जल संसाधन विभाग के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा था तथा 13 सूत्री मांगों पर जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन के आवास पर सकारात्मक चर्चा किया मंत्री ने समस्याओं पर गंभीरता लेते हुए मुख्य अभियंता के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान करने तथा अन्य मांगों पर सचिव तथा विभागीय पदाधिकारी के साथ बैठक कर के सकारात्मक पहल करने का वादा किया।आगे उन्होंने बताया विस्थापितों के हक अधिकार की लड़ाई जारी रहेगा जिसके लिए क्यों न उसे संघर्ष ही करना पड़े। उन्होंने बताया कि अगर विभाग इन मांगों पर अमल नहीं करती है तो चरणबद्ध तरीके से वह पुनः सड़क से लेकर सदन तक विस्थापितों के न्याय की आवाज बुलंद करेंगे।
विधायक को सौंपा गया मांग पत्र में 13 सूत्रीय मांग की विवरण निम्न है :-
- चाण्डिल बांध से प्रभावित 116 गाँव में विस्थापितों का सम्पूर्ण पुनर्वास सुविधा मुहैया करायी जाय।
- विभागीय आदेश R.L-180 से 183 तक का आदेश निरस्त करते हुए 116 गाँवो का पुनर्वास सुविधा मुहैया करायी जाय।
- R.L का आधार मानक छोडकर चाण्डिल डैम के पुनर्वास कार्य को पूर्ण करने हेतु प्रभावित ग्रामों के विस्थापितों को पुनर्वास अनुदान भुगतान किये जाने हेतु राशि रू0 139.8808 करोड़ रूपये (एक अरब उनतालीस करोड़ अठासी लाख आठ हजार) मात्र आवंटन की अधियाचना किया गया है। इस राशि को यथाशीघ्र स्वीकृत दिया जाए।
- चांडिल बाँध विस्थापितों को अनुदान राशि पुनरक्षित पुनर्वास नीति 2012 के दर से दिया जा रहा है जिसे बढ़ा कर 2024 के दर से किया जाए ।
- पुनर्वास स्थलों का सीमांकन कराया जाय तथा सभी पुनर्वास स्थलों में पुनर्वास नीति के अनुसार मूलभूत आवश्यकताओं के साथ समुचित विकास किया जाय। तथा बचे 09 पुनर्वास स्थलों पर विकास कार्य यथाशीघ्र शुरू करें।
- एक परियोजना एक ही धारा-4 होना चाहिए। ईचागढ़ प्रखंड बांदु पंचायत के जमदोहा गांव को आधार मानकर सभी प्रभावित गांवों में धारा 4 वर्ष 2014 करें।
- मूल विकास पुस्तिका में नियोजन ना दे पाने के स्थिति में आज के महंगाई अनुसार विस्थापितों के लिए एक पैकेज निर्धारित करके पुनर्वास करें। अथवा चांडिल बाँध से जल इस्तेमाल करने वाले कंपनियों में चांडिल बाँध विस्थापितों को 30% आरक्षण करके सीधे नियुक्ति सुनियोजित करें।
- प्रखंड कार्यालय में आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहा है, जब तक जमीन का पट्टा प्राप्त न हो परिवार के सभी सदस्यों का नाम विकास पुस्तिका में जोड़कर विकास पुस्तिका को खतियान समतुल्य घोषित करें।
- सचिव, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड राँची द्वारा दिए गये निदेश के आलोक में चाण्डिल बाँध प्रक्षेत्र के जल भंडारण से प्रभावित ग्रामों ने ने विज्ञप्ति के आधार पर पुनर्वास से संबंधित अपने दावे, आपत्ति एवं आवेदन दिनांक-31.12.2023 तक प्राप्त आवेदनों का विचार करते हुए विकास पुस्तिका का निर्माण एवं अन्य सुविधा मुहैया करायी जाय।
- राज्य में जब कई विभागों द्वारा ऋण माफ हो सकता है तो विभाग द्वारा नीति बनाकर उन विस्थापितों का भूखंड समतुल्य निर्गत किया गया राशि माफ करके विभाग के पास उपलब्ध 22 पुनर्वास स्थलों को विकास करके भूमि आवंटित करके विस्थापितों को रिफ्यूजी होने से बचायें।
- चांडिल बांध मत्स्यजीवी स्वावलंबी सहकारी समिति लि. चांडिल का बन्दोवस्ती रद्द कर चांडिल डैम नौका विहार का वन्दोवस्ती किया जाय। उक्त समिति का बकाया 1 करोड़ 65000 है, साथ ही सुवर्णरेखा परियोजना चांडिल द्वारा सार्टिफिकेट कैश भी किया है, इसके बाद भी उक्त समिति नौका परिचालन कर रहा है जिसमें सरकार को राजस्व नुकसान हो रहा है।
- डैम का जल भंडारण बढ़ाने से पूर्व विस्थापित गाँवों में कैम्प लगाकर विवादित RL तथा अन्य समस्याओं को यथाशीघ्र समाधान किया जाय।
- विकास पुस्तिका निर्माण समिति में अखिल झारखण्ड विस्थापित अधिकार मंच के चयनित सदस्यों को रखा जाय।
