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November 5, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

CHOWKA : स्थानीयों की विरोध अब शांत होता देख, काला इंटा से ही ठेकेदार ने खड़ा कर दी चौका हाईस्कूल भवन की दीवार…

. बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa)

सरायकेला : चाण्डिल अनुमण्डल क्षेत्र की चौका थानांतर्गत चौका हाई स्कूल की प्लस टू भवन की छत अब ठेकेदार ने ढालने की तैयारी पूरी कर ली। मालूम हो कि यह भवन की निर्माण में जब काला इंटा का प्रयोग किया जा रहा था तब स्थानीय एवं अभिभावकों ने इसका जमकर विरोध किया था।

जहाँ पश्चिमी जिला परिषद सदस्य सविता मार्डी समेत चौका, चाउलीबासा और खूंटी ग्राम पंचायत की मुखिया एवं चौका ग्राम प्रधान ने भी इसका विरोध किया था। वहीं ठेकेदार द्वारा उक्त राजकीयकृत प्सल टू विद्यालय का ग्यारह कमरा वाले नया विद्यालय भवन निर्माणाधीन में भारी अनियमितता बरती जा रही है। जहाँ करोड़ो रूपये की लागत से बन रही उक्त विद्यालय भवन निर्माण में कम गुनवत्तावाले फ्लाईऐश ब्रिक्स (काला ईंटा) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ठेकेदार द्वारा यह मनमानी और अनियमितता का चौका हाईस्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी इसका विरोध किया था। बताया गया कि उनके द्वारा कई विभाग के अधिकारियों को पत्राचार कर निर्माणाधीन उक्त भवन की जाँच कर भवन की टिकाउ को ध्यान में रखते हुए सिरे से लाल चिमनी इंटा से निर्माण कार्य कराने की अनुरोध किया। विरोध के पश्चात ठेकेदार द्वारा करीब तीन महीने तक निर्माण कार्य को बंद कर रखा।

लेकिन स्थानीयों की विरोध शांत होता देखकर तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखा के कारण ठेकेदार द्वारा पूर्ववत काला इंटा से ही बाकी निर्माण कार्य को जोरों से करता हुआ देखा जा रहा है। बता दें कि भवन निर्माण कार्य परिसर में सांसद और विधायक के संयुक रूप से किया गया शिलान्यास की शिलापट्ट के अलावा अन्य  किसी भी विवरणी साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया।

जिससे लोगों को इस निर्माण कार्य की विस्तृत जानकारी नहीं मिल रहा है। जहाँ स्थानीयों के मुताबिक ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य मे भारी अनियमितता और मनमानी बरती जा रही है वहीं इस मामले में स्थानीय राजनीति दल मौन धारण कर रखा है। मामला वाकई जाँच का विषय है कि निर्माण कार्य परिसर में साइनबोर्ड न लगाना, कम गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्रियों का प्रयोग किए जाने की स्थानीयों द्वारा इसकी विरोध करने के बावजूद विभाग से इसकी जाँच और कार्रवाई के लिए पहल करने की बजाय स्थानीय राजनेताओं का मौन रह जाना चिंताजनक बताया जा रहा है।

बताते चलें कि विद्यार्थियों के भविष्य हित मे क्षेत्रीय राजनीति दल को अपना कर्तव्य समझते हुए इसपर पहल करना चाहिए ताकि आनेवाले पीढ़ियों के लिए उक्त विद्यालय भवन को मजबूती मिल सके।

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