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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

₹750 करोड़ के जीएसटी मामले में स्क्रैप व्यापारी ज्ञानचंद जायसवाल के कई परिसरों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, दस्तावेज जब्त

750 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) व टैक्स चोरी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ज्ञानचंद जायसवाल के व्यावसायिक और आवासीय ठिकानों पर की छापेमारी, अहम वित्तीय कागजात कब्जे में लिए।

अनुभाग 1: बिष्टुपुर, आदित्यपुर और गम्हरिया में सुबह-सुबह केंद्रीय एजेंसी का एक्शन

पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने सुबह लगभग 8:00 बजे बिष्टुपुर स्थित उनके निजी आवास के अलावा आदित्यपुर तथा गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित विनिर्माण इकाइयों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती की गई है। अधिकारियों ने सुरक्षा के लिहाज से जांच के दायरे में आई संपत्तियों के परिसर में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

अनुभाग 2: कांट्रैक्टर्स एरिया से लेकर औद्योगिक क्षेत्र तक तलाशी

जांच का दायरा बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित कारोबारी के मकान, जुगसलाई, बर्मामाइंस और आदित्यपुर के हथियाडीह क्षेत्र में स्थित ‘शारदा एंडेवर्स’ प्लांट तक फैला हुआ है।

ईडी की टीमें इन सभी जगहों पर क्रय-विक्रय, वित्तीय लेनदेन के बिलों, बही-खातों और कंप्यूटर हार्ड ड्राइव व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, टीम ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। छापेमारी वाली सभी जगहों पर स्थानीय पुलिस बल भी सुरक्षा में तैनात है।

अनुभाग 3: 750 करोड़ के फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी की जांच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी का यह व्यापक सर्च ऑपरेशन करीब 750 करोड़ रुपए की जीएसटी धोखाधड़ी और गैर-कानूनी वित्तीय लेनदेन के आरोपों से संबंधित है।

कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने छद्म (फर्जी) कंपनियां बनाकर जाली बिल जनरेट किए और गैर-कानूनी तरीके से भारी-भरकम इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाकर सरकारी खजाने को बड़ा वित्तीय नुकसान पहुंचाया। हालांकि, केस की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल जांच अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अनुभाग 4: पहले 55.66 करोड़ के मामले में जा चुके हैं जेल

उल्लेखनीय है कि ज्ञानचंद जायसवाल पहले भी कर चोरी के गंभीर मामलों में घिर चुके हैं। इससे पूर्व 55.66 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

उस दौरान जांच में सामने आया था कि मेसर्स जय भोलानाथ, मेसर्स मां शारदा एंडेवर और मेसर्स मेकर्स कास्टिंग प्रा. लि. के जरिए 22.31 करोड़ रुपए, तथा मेसर्स केदारनाथ ट्रैक्सीन, ज्ञानदीप आयरन प्रा. लि. व मेसर्स विभ्रान स्क्रैप कंपनी के माध्यम से 33.35 करोड़ रुपए का फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम किया गया था। इससे पहले 7 अगस्त 2025 को भी उनके ठिकानों पर रेड पड़ी थी, जिसके बाद अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले का दायरा और विस्तृत कर दिया है।

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