सरायकेला-खरसावां: झारखंड आंदोलन के योद्धा दामु बानरा पंचतत्व में विलीन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

सरायकेला/खूंटपानी: झारखंड राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी सेनानी, निस्वार्थ नेता और आजसू पार्टी के पूर्व केंद्रीय महासचिव दामु बानरा को बुधवार को अत्यंत भावुक माहौल में अंतिम विदाई दी गई। वे एक ऐसे जननेता थे, जिन्होंने आजीवन कभी भी पद-प्रतिष्ठा या निजी स्वार्थ की परवाह नहीं की और अपना पूरा जीवन झारखंडी अस्मिता व हक-अधिकारों की लड़ाई में झोंक दिया। पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले उनके पैतृक गांव गाड़ा राजाबासा में सामाजिक व पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
अंतिम यात्रा के दौरान समूचे क्षेत्र का माहौल बेहद गमगीन था। बड़ी संख्या में जुटे झारखंड आंदोलनकारियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने चहेते मार्गदर्शक को आखिरी विदाई दी।
इन प्रमुख हस्तियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
दामु बानरा के अंतिम दर्शन करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई दिग्गज नेता उनके पैतृक गांव पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- सूबे के मंत्री दीपक बिरूवा
- खरसावां के विधायक दशरथ गागराई
- पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस
- जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा
- पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा व शशिभूषण सामड
- गोमिया के पूर्व विधायक लंबोदर महतो
- आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो
- झारखंड आंदोलनकारी ललित महतो और अमित महतो
निस्वार्थ सेवा और संघर्ष के प्रतीक थे दामु बानरा
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और वक्ताओं ने दामु बानरा के गौरवशाली व संघर्षमय जीवन को याद किया। उन्होंने कहा कि दामु बानरा ने कभी भी किसी राजनीतिक लाभ या व्यक्तिगत सुख की लालसा नहीं रखी। वे इस बात की मिसाल थे कि एक सच्चा जननेता किस प्रकार बिना किसी स्वार्थ के समाज की भलाई के लिए संघर्ष करता है। पृथक झारखंड राज्य के गठन की लड़ाई में उनके अभूतपूर्व योगदान, अतुलनीय साहस और आदर्शों को भुलाया नहीं जा सकता।
शोक व्यक्त करते हुए नेताओं ने कहा कि दामु बानरा का शारीरिक रूप से हमारे बीच न रहना पूरे राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है, परंतु उनका त्याग और उनकी नीतियां आने वाली युवा पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

