Categories

November 1, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

शिक्षा जागरूकता अभियान में नरेंद्र सिजुई का संदेश : “हम पढ़ेंगे और हम बढ़ेंगे “

खरसावां: खरसावां के सुदूरवर्ती क्षेत्र रायजामा में युवा समाजसेवी सह आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सिजुई के नेतृत्व में शिक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना था। नरेंद्र सिजुई ने अपने संदेश में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ” हम पढ़ेंगे और हम बढ़ेंगे “। सिजुई ने अपने संबोधन में कहा, “अगर आज हम पढ़ेंगे तो आने वाली हमारी पीढ़ी जीवित रहेगी। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे हम अपने को संरक्षित कर सकते हैं।” उन्होंने बताया कि शिक्षा न केवल बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करती है।

अभियान के दौरान बच्चों और उनके माता-पिता को शिक्षा के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। सिजुई ने बताया कि शिक्षा से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि यह समाज में सम्मान और पहचान भी दिलाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह ताकत है जो बच्चों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है।आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां के उपाध्यक्ष बिरसा महाली ने कहा कि हम शिक्षा से ही अपना अस्तित्व बचा सकेंगे इसलिए हमें हर हल में शिक्षा जरूरी है। साथ में यह भी कहा कि रायजामा जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूक करना अति आवश्यक है। ताकि पिछड़े हुए बच्चों एवं युवाओं को एक नई रह दिखा सके।

आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां के सचिव राजेश उरांव जी ने भी कहा कि शिक्षा से ही हम नई उर्जा एवं नई शक्ति प्रदान करती है। आगे कहा कि शिक्षा के प्रति कुछ भी जरूरत हो वह हमलोग पुरा करेंगे। आज के बाद हम यह कोशिश करेंगे कि शिक्षा से कोई वंचित ना हो सके।आगे लक्ष्मण हेम्ब्रम जी ने भी कहा कि हमारी मातृभाषा भी अति आवश्यक है क्योंकि अगर कोई बच्चा पढ़ता है तो वह सिर्फ मातृभाषा से ही जल्दी सिख पाता है इसलिए मातृभाषा भी जरूरी है।कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सिजुई के प्रयासों की सराहना की। बच्चों ने भी शिक्षा के प्रति अपनी रुचि दिखाई और सिजुई के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।

सिजुई ने आगे कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना हर माता-पिता का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में मदद करें।इसका नेतृत्व आदिवासी युवा समन्वय समिति सरायकेला खरसावां के सदस्यों ने भी किया। इस जागरूकता अभियान ने रायजामा के लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति नई दृष्टि दी है। इस पहल से बच्चों के भविष्य में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।कार्यक्रम के अंतिम क्षण में बच्चों को एलसीडी राइटिंग पेड , कापी, पेन, पेंसिल बांटा गया। जिसमें उपस्थित वन रक्षा समिति रायजामा के सचिव सोयना सरदार, सुखराम सरदार, रामब्रिज सरदार,उपेन्द्र सरदार, मुकेश मुण्डा, एवं रायजामा,कान्डरकुटी, चैतनपूर के ग्रामीणों उपस्थित हुए।

About Author