राशनकार्ड में नाम तो करना होगा यह काम, वरना कट जाएगा; बदल गया नियम

सरकारी राशन योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए अब राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का समय-समय पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है।
नए दिशानिर्देशों के तहत राशन कार्ड से जुड़े सभी पंजीकृत सदस्यों को पीडीएस (PDS) दुकान पर स्वयं जाकर फिंगरप्रिंट यानी अंगूठा लगाकर खाद्यान्न प्राप्त करना होगा। यदि किसी सदस्य की ओर से एक वर्ष की अवधि के भीतर एक बार भी बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं किया जाता है, तो संबंधित सदस्य का नाम राशन कार्ड की सूची से निरस्त कर दिया जाएगा।
पूर्व व्यवस्था के अनुसार एक बार ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद दोबारा अपडेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। हालांकि, अब इस नियम को बदल दिया गया है, जिससे राशन कार्ड धारकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट करना है कि यदि किसी कार्ड में पांच सदस्यों का नाम शामिल है, तो पूरे वर्ष के दौरान अलग-अलग समय पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी स्वयं पीडीएस दुकान पर जाकर थंब इम्प्रेशन (अंगूठा) देना होगा।
केवल परिवार के मुखिया या किसी एक ही व्यक्ति द्वारा नियमित राशन उठाने पर बाकी सदस्यों का सत्यापन स्वतः अपडेट नहीं हो पाएगा, जिससे उनके नाम कटने का जोखिम रहेगा। विभाग ने सभी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं को भी अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत लाभार्थियों का ई-केवाईसी अपडेट सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
क्या बोले डीएसओ
इस नए नियम पर जानकारी देते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) पंकज कुमार ने बताया कि राशन कार्ड में शामिल सभी सदस्यों का नियमित बायोमेट्रिक सत्यापन बेहद जरूरी है। यदि किसी भी पंजीकृत सदस्य की अटेंडेंस एक साल तक मशीन में दर्ज नहीं होती है, तो सिस्टम द्वारा उनका नाम हटा दिया जाएगा। इसीलिए सभी कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर स्वयं जाकर फिंगरप्रिंट दर्ज कराते रहें।
गोदाम के मजदूरों का प्रदर्शन
एक अन्य घटनाक्रम में, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा राशन की सप्लाई अलग-अलग डिपो व गोदामों के माध्यम से किए जाने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को एफसीआई (FCI) गोदाम से जुड़े दर्जनों श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का कहना था कि सरकार की ओर से लागू की गई नई ‘डायरेक्ट डोर स्टेप डिलीवरी’ (DSD) प्रणाली के कारण राज्य खाद्य निगम (SSFC) गोदाम में कार्यरत लगभग 200 श्रमिकों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
पहले एफसीआई डिपो से खाद्यान्न उठाकर एसएसएफसी गोदाम लाया जाता था, जहाँ मजदूर लोडिंग व अनलोडिंग के साथ राशन डीलरों तक माल पहुँचाने का कार्य करते थे। इस नई व्यवस्था से मजदूरों के समक्ष अचानक आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है।
