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October 28, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

नोवामुंडी में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन, महिलाओं ने बाल विवाह रोकने का लिया संकल्प

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन (Training Program Details)

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में बाल विवाह के उन्मूलन हेतु एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सशक्त बनाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर चर्चा (Discussion on Social & Legal Aspects)

प्रशिक्षण के दौरान वक्ताओं ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। विशेषज्ञों ने ‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006’ की धाराओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को बताया गया कि बाल विवाह में सहयोग करने वाले टेंट संचालक, पंडित, मौलवी और बारातियों पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

बाल विवाह मुक्त समाज की शपथ (The Pledge)

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बाल विवाह के विरुद्ध एक औपचारिक शपथ दिलाई गई। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और गांव में किसी भी बालक या बालिका का विवाह कानूनी आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21 वर्ष) से पहले नहीं होने देंगी। महिलाओं ने यह भी शपथ ली कि यदि उनके क्षेत्र में ऐसी कोई घटना संज्ञान में आती है, तो वे तुरंत प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना देंगी।

शिक्षा और जागरूकता पर जोर (Focus on Education)

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा को बाल विवाह के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब बेटियां शिक्षित होंगी और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगी, तभी समाज से इस प्रकार की कुरीतियों का अंत संभव होगा। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे एक स्वावलंबी भविष्य का निर्माण कर सकें।

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी (Key Attendees)

इस जागरूकता शिविर में नोवामुंडी प्रखंड के विभिन्न विभागों के अधिकारी, समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्थानीय मुखिया और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में नोवामुंडी को ‘बाल विवाह मुक्त’ क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करने का भरोसा दिया।

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