वज्रपात की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौ*त, पांडरा गांव में पसरा मा’तम

सरायकेला-खरसावां। कुकड़ू : प्रखंड क्षेत्र के पांडरा गांव में सोमवार दोपहर करीब दो बजे बारिश के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर बारिश के दौरान दोनों महिलाएं खेत के आसपास मौजूद थीं। इसी बीच तेज गर्जना के साथ अचानक वज्रपात हुआ और दोनों इसकी चपेट में आ गईं। घटना में दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौ*त हो गई।
मृ*तकों की पहचान सोना मनी महतो (लगभग 46 वर्ष), पति आशीर्वाद महतो और मुक्ता महतो (लगभग 27 वर्ष), पति पुईतु महतो के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों श’वों को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। घटना की खबर मिलते ही मृ*तकों के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
अवधेश मुर्मू ने जताया शोक, मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर चांडिल डैम विस्थापित नेता अवधेश मुर्मू ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई करने तथा सरकारी प्रावधानों के तहत पात्रता के अनुसार पीड़ित परिवारों को सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
मुर्मू ने दोनों मृ*त महिलाओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
वज्रपात से बचाव के लिए सुझाव…
सूर्योदय संवाद की ओर से वज्रपात से आम लोगों की बचाव के लिए सुझाव है कि बारिश और वज्रपात के दौरान थोड़ी-सी सावधानी जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लोगों से अपील है कि गरज-चमक के दौरान खुले खेतों, मैदानों और अन्य खुले स्थानों में रहने से बचें। ऊंचे एवं अकेले पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत संरचनाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
मौसम खराब होने पर यथासंभव पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यदि खुले स्थान पर हों और तत्काल सुरक्षित भवन उपलब्ध न हो, तो ऊंचे स्थानों तथा पेड़ों से दूर रहते हुए सुरक्षित आश्रय की तलाश करें। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम के पूर्वानुमान एवं स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
ध्यान रखें कि वज्रपात के समय सतर्कता और समय पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही सबसे प्रभावी बचाव उपायों में से एक है।


