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November 4, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

SERAIKELLA : तानिसया गाँव के लिए विकास मांगने पर ग्रामीणों से मुंह मोड़ा, अब अधिकारी गाँव मे आकर मोबाईल टावर लगाने की बात कहकर गुमराह कर रहे है : ग्रामीण

बिष्णु महापात्र 📲 9471102055 (wa)

SERAIKELLA : जिस उद्देश्य से अलग राज्य मिला आज वहीं खारखण्ड राज्य की सूदूरवर्ती गाँव तक विकास पहुंचने की सरकार की दाबा खोखला सावित हो रहा है। आज भी राज्य में ऐसे कई गाँव है जहाँ विकास की रोशनी नहीं पहुंच सका।

जहाँ चिकित्सा, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीण उपेक्षित है। जिसका जीता जागता उदाहरण मात्र कुछ ही महीना पहले चाण्डिल प्रखण्ड क्षेत्र की मातकमडीह पंचायत की गुंगुकोचा गाँव से करीब डेढ़ किलोमीटर चारपाई में एक गर्भवती महिला को लेटाकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया। जहाँ अब तक पक्की सड़क नहीं बनाया गया।

लेकिन कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणो की सुध लेने नहीं पहुंचे। वैसे ही चाण्डिल प्रखण्ड क्षेत्र की हेंसाकोचा पंचायत अधीन खूंटखांटी ग्राम तानिसया के ग्रामीणों ने प्रखण्ड से लेकर जिला अधिकारियों तक गाँव की मूलभूत सुविधाओं की मांग करते रहे लेकिन कोई नही सुना।

खूंटखांटी ग्राम तानिसया के ग्रामीण वीरेंद्र मुंडा ने बताया कि तानिसया ग्रामीणों द्वारा कईबार अधिकारी को लिखित आवेदन देकर गाँव मे सड़क, स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की आग्रह किया लेकिन सिर्फ आश्वासन देकर उन ग्रामीणों की मांग को भूल गए।

मुंडा ने बताया कि अधिकारियों के दफ्तर में जा जाकर वेलोग थक चुके है। पहले नक्सल क्षेत्र के हवाला देते हुए विकास कार्य पर ध्यान नहीं दिए, अब इतनी शांति माहौल में भी तानिसया गाँव को विभाग द्वारा विकास से कोषों दूर रखा गया। गाँव की युवक युवती रोजगार की तलाश में किसी अन्य राज्यों को पलायन कर रहे हैं। ग्रामीण आज भी चुएं का पानी पी रहे हैं। सड़क की अभाव में कृषि उत्पाद बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहा है, जिससे गाँव के किसानों को उचित परिश्रम का मूल्य नहीं मिल रही है। इसलिए अब निराश होकर ग्रामीण राज्य सरकार की आदेश की बाट जोह रहा हैं।

इधर ग्रामीणों ने बताया कि हेंसाकोचा पंचायत कि खूंटकटी गाँव तानिसया की मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की वजाय, विकास कार्य करने की वजाय ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बनाया गया सड़क से अधिकारी इस गाँव मे अब प्रशासन द्वारा मोबाईल टॉवर लगाकर गाँव की विकास करने बात से ग्रामीणों को गुमराह करने लगे हैं।

वहीं ग्रामीणों के मुताबिक उक्त गाँव मे देश की आजादी के बाद अब तक कोई विकास नहीं पहुंचा जिसपर गंभीरता लेने के बजाय मोबाईल टॉवर लगाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की इतनी फिक्र क्यों हो रही है, यह चिंता का विषय है।

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