सरायकेला में ओलंपिक दिवस पर क्रॉस कंट्री रेस, खिलाड़ियों में दिखा जोश

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के खास मौके पर सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन की ओर से एक भव्य क्रॉस कंट्री रेस का आयोजन किया गया। इस दौड़ प्रतियोगिता की आधिकारिक शुरुआत नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी द्वारा की गई। इस खेल आयोजन में सरायकेला जिले के अलग-अलग स्कूलों, कॉलेजों, विभिन्न खेल अकादमियों और खेल संगठनों के छात्र-छात्राओं, युवा एथलीटों तथा खेल प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर और बेहद उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
दौड़ में खिलाड़ियों का दिखा जोश
इस रेस के आयोजन के समय जिला खेल पदाधिकारी अमित कुमार, सरायकेला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सिकंदर महतो तथा जिला खेल संगठन के सचिव दिलदार अंसारी समेत विभिन्न खेल विधाओं के पदाधिकारी, कोच और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के दौरान मैदान और दौड़ने वाले ट्रैक पर प्रतिभागियों का गजब का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। सभी एथलीटों ने पूरे दमखम के साथ रेस पूरी की और खेलों के प्रति अपने समर्पण को दर्शाया।
खेलों से स्वस्थ और नशामुक्त समाज का संदेश
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि ओलंपिक दिवस केवल दौड़ने या जीतने का दिन नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आपसी मित्रता, श्रेष्ठता और वैश्विक भाईचारे की भावना को संजोने का प्रतीक है। खेल न केवल युवाओं को शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनाते हैं, बल्कि उनके मानसिक विकास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी जगाते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज समाज में नशाखोरी, बढ़ता प्रदूषण और बिगड़ती जीवनशैली बड़ी चुनौतियां हैं। इन सभी कुरीतियों से लड़ने का सबसे सरल और बेहतरीन माध्यम खेल हैं, जो युवाओं को गलत रास्तों और नशे की लत से दूर रखते हैं।
खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करते हुए मनोज कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि नगर पंचायत ने स्थानीय बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में हाल ही में तीन नए आधुनिक खेल मैदान युवाओं को समर्पित किए हैं। इसके अतिरिक्त, गरीब और जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद के लिए एक विशेष ‘स्पोर्ट्स बैंक’ की स्थापना भी की गई है। उन्होंने खिलाड़ियों से इन सुविधाओं का भरपूर लाभ उठाने को कहा और घोषणा की कि जल्द ही सरायकेला मैदान में जिला स्तरीय फुटबॉल लीग टूर्नामेंट शुरू होने जा रहा है। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य ध्येय जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को जीवित रखना और ओलंपिक के आदर्शों को आम जन तक पहुंचाना था। इस अवसर पर कई गणमान्य खेल प्रेमी उपस्थित थे।


