सरायकेला-खरसावां: ‘सुजल ग्राम संवाद’ के छठे संस्करण में वर्चुअली जुड़े ग्रामीण, अधिकारियों से की बातचीत

भूमिका: सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड अंतर्गत जोडसरजम गांव के निवासियों ने ‘सुजल ग्राम संवाद’ के छठे संस्करण में डिजिटल माध्यम से शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन 2.0, पानी की बर्बादी रोकने के उपायों और ग्रामीण जलापूर्ति प्रणालियों के टिकाऊपन पर विस्तृत चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने साझा किए अपने अनुभव: इस वर्चुअल इंटरैक्शन में जल जीवन मिशन के तहत हो रहे सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया। जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव केके सोन ने जोडा सरजम गांव की जलसहिया मीना प्रमाणिक, सेविका पुष्पा बांकिरा और ग्रामीण उपेंद्र सरदार से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था, विशेषकर गर्मियों में स्थिति गंभीर हो जाती थी। अब मिशन के सफल क्रियान्वयन से गांव के हर घर में सालों भर शुद्ध जल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। चर्चा के दौरान जलापूर्ति की गुणवत्ता, सामुदायिक भागीदारी और रख-रखाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार साझा किए गए।
प्रबंधन को सशक्त बनाने और जन जागरूकता पर जोर: कार्यक्रम में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाने की बात कही गई। इसके साथ ही, जिले के अन्य गांवों में भी 100 प्रतिशत नल-जल कनेक्शन पहुँचाने के लिए लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया। इस संवाद में कुचाई के बीडीओ साधु चरण देवगम ग्रामीणों के साथ उपस्थित थे, जबकि सरायकेला मुख्यालय से उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हर ग्रामीण परिवार को सुरक्षित पानी पहुँचाना प्राथमिकता है और इसके लिए जल स्रोतों के संरक्षण और योजनाओं के संचालन में ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका अनिवार्य है।

जोडसरजम के सभी 75 घरों में नल से जल: कुचाई की अरुवां पंचायत के जोडसरजम गांव के सभी 75 घरों में अब स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। इस जलापूर्ति योजना के जरिए ग्रामीणों को 24 घंटे नियमित पानी मिल रहा है। लगभग 350 की आबादी वाले इस गांव में एसटी, एससी और सामान्य वर्ग के लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, घर तक शुद्ध पानी पहुँचने से उनके जीवन स्तर में सुधार आया है और जलजनित बीमारियों, जो विशेषकर मानसून के दौरान बढ़ जाती थीं, उनमें भारी गिरावट आई है।
