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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

14 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे निलंबित IAS विनय चौबे, हजारीबाग वन भूमि घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

रांची: झारखंड के निलंबित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को देश की शीर्ष अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। बीते 14 महीनों से न्यायिक हिरासत में बंद विनय चौबे के सलाखों से बाहर आने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। हजारीबाग वन भूमि घोटाले से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ—जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली—ने उनकी जमानत याचिका को मंजूरी दे दी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने के उपरांत उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को यह वैधानिक अधिकार दिया है कि यदि आवश्यक हो तो वे जमानत रद्द कराने के लिए दोबारा कानूनी प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।

20 मई 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने वरिष्ठ आईएएस अफसर विनय कुमार चौबे को 20 मई 2025 को हिरासत में लिया था। इसके बाद से ही वे विभिन्न आपराधिक मामलों के तहत जेल में निरुद्ध थे। हजारीबाग वन भूमि फर्जीवाड़े में दर्ज एफआईआर (11/2025) के सिलसिले में वे नवंबर 2025 से न्यायिक हिरासत काट रहे थे। अब उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद लगभग 14 महीने लंबे अंतराल के पश्चात उनकी रिहाई तय मानी जा रही है।

चार प्रमुख मामलों में मिल चुकी है बेल

आईएएस अधिकारी के अधिवक्ता देवेश अजमानी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनके मुवक्किल पर कुल चार अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की थीं। इनमें हजारीबाग वन भूमि प्रकरण भी शामिल है, जिसमें अब सुप्रीम कोर्ट ने जमानत प्रदान की है।

इसके अतिरिक्त, उनके खिलाफ दर्ज भूमि हस्तांतरण मामला, आय से अधिक संपत्ति का मामला और शराब घोटाले से जुड़े प्रकरणों में पूर्व में ही अदालत द्वारा डिफॉल्ट बेल दी जा चुकी है। हालांकि, जगन्नाथपुर थाने में भी एक पृथक प्राथमिकी दर्ज है, परंतु उसमें पुलिस द्वारा उन्हें रिमांड पर नहीं लिया गया था। सभी संबंधित मामलों में वैधानिक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद अब उनकी जेल से रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

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