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November 3, 2026

Suryoday Samvaad

Nayi Soch Nayi Disha

संसद में उठा गुमला रेल लाइन का मुद्दा, सुखदेव भगत ने मोदी सरकार को घेरा

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla Railway Line : केंद्रीय बजट सत्र के दौरान लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (डिमांड फोर ग्रांट) पर हुई चर्चा में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस की ओर से भाग लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार और रेल मंत्रालय पर जमकर हमला बोला.

सांसद ने गुमला के साथ “सौतेला व्यवहार” करने का आरोप लगाया. उन्होंने गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण की मांग उठाई. संसद में अपने संबोधन के दौरान भगत ने कहा कि झारखंड, खासकर गुमला जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को अब तक रेलवे कनेक्टिविटी से नहीं जोड़ा जा सका है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. सांसद ने याद दिलाया कि गुमला, 1971 के भारत-पाक युद्ध के परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है. फिर भी यह जिला आज तक रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ सका है.

गुमला का विकास बाधित

सांसद भगत ने गुमला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख भी किया. अंजनी धाम (भगवान हनुमान का जन्मस्थल), टांगीनाथ धाम (भगवान शिव का प्राचीन धाम) और आदिवासियों के महत्वपूर्ण सिरसीता नाले जैसे आस्था के केंद्र स्थलों का जिक्र भगत ने लोकसभा में किया. साथ ही उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है. लेकिन आधारभूत ढांचे के अभाव में विकास बाधित है.

केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथ लिया सांसद ने

रेल बजट पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि सरकार ने रेलवे में बड़ा बजट आवंटित किया है. लेकिन हालत ऐसी है जैसे दुकान में बिक्री तो बहुत हो. लेकिन मालिक के पास बचत शून्य हो. उन्होंने आगे कहा कि सरकार की सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घोषणाएं तेज दौड़ रही हैं. लेकिन ट्रेन अभी भी प्लेटफॉर्म पर खड़ी है.

नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाये : सुखदेव भगत

सुखदेव भगत ने रेल मंत्री से मांग की कि गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाये. ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके. साथ ही पर्यटन, रोजगार तथा व्यापार को बढ़ावा मिले. इसके अलावा उन्होंने आम यात्रियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में दी जाने वाली छूट को फिर से लागू या सुदृढ़ किया जाना चाहिए. इससे आम जनता को राहत मिल सके.

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