रांची के मधुकम में 50-60 वर्षों से रह रहे लोगों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अतिक्रमण हटाने का आदेश लिया वापस

रांची: राजधानी रांची के मधुकम इलाके में पिछले 50 से 60 वर्षों से बसे सैकड़ों परिवारों के लिए झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। अदालत ने क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने से जुड़े पूर्व के आदेश को वापस ले लिया है, जिससे वर्षों से रह रहे स्थानीय निवासियों को बेघर होने के खतरे से मुक्ति मिल गई है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मधुकम और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों ने राहत की सांस ली है। इस आदेश से उन लोगों को बड़ी सुरक्षा मिली है जो पीढ़ियों से इस इलाके में अपना आशियाना बनाए हुए हैं और प्रशासनिक कार्रवाई के भय में जी रहे थे।
अतिक्रमण हटाने का आदेश वापस
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने निवासियों के पक्ष और उनके लंबे समय से वहां रहने के तथ्यों पर विचार किया। इसके बाद कोर्ट ने अतिक्रमण मुक्त कराने के अपने पूर्व के निर्देश को वापस लेने का निर्णय सुनाया।
कानूनी जानकारों के अनुसार, 50 से 60 वर्षों से बसे लोगों के पुनर्वास और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। इस आदेश के बाद अब स्थानीय प्रशासन की ओर से चलाई जाने वाली बेदखली या तोड़ा-फोड़ी की कार्रवाई पर पूर्ण विराम लग गया है।
स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर
अदालत का फैसला सामने आते ही मधुकम क्षेत्र के निवासियों में खुशी का माहौल देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे आधी सदी से भी अधिक समय से इस जगह पर रह रहे हैं और उनके पास जीवन यापन का यही एकमात्र ठिकाना था। हाईकोर्ट के इस संवेदनशील निर्णय ने उनके बेघर होने की चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
