अनगड़ा: 11 करोड़ की लागत से बनी सड़क 6 माह में ही हुई जर्जर, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

झारखंड की राजधानी रांची के अनगड़ा प्रखंड में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III के तहत करोड़ों की लागत से बनाई गई एक महत्वपूर्ण सड़क महज छह महीनों के भीतर ही जर्जर अवस्था में पहुँच गई है। बाहेया से टाटीसिलवे (मुंडाटोली) तक जाने वाली इस सड़क की दुर्दशा ने विभागीय निगरानी और ठेकेदार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं।
घटिया निर्माण ने खोली पोल ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा स्वीकृत इस 13.190 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 में ही पूर्ण हुआ था। 11 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च होने के बावजूद, आज सड़क की स्थिति दयनीय है। जगह-जगह से पीसीसी (PCC) की परतें उखड़ रही हैं और कालीकरण (Bitumen layering) भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। कई स्थानों पर तो सड़क का नामोनिशान मिट गया है और गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं।
पुरानी गार्डवाल पर ही कर दी थी नई जोड़ाई निर्माण कार्य में बरती गई घोर लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संवेदक ने सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की। स्थानीय निवासी रामेश्वर महतो और अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने लागत बचाने के लिए पुरानी और कमजोर गार्डवाल के ऊपर ही नई दीवार खड़ी कर दी थी। मजबूती न होने के कारण यह गार्डवाल पहली ही बारिश और सामान्य दबाव में ढह गई। इसके अलावा, सड़क का कई हिस्सा आज भी अधूरा ही छोड़ दिया गया है।

विभागीय जेई ने कहा- संवेदक को किया गया है सूचित सड़क की बदहाली को लेकर जब विभागीय कनीय अभियंता (JE) जितेंद्र वर्मा से सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि इस परियोजना का कार्य रामगढ़ की ‘ब्रजेश कंस्ट्रक्शन कंपनी’ द्वारा किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनुबंध के अनुसार, सड़क के रखरखाव (Maintenance) की जिम्मेदारी फिलहाल संवेदक की ही है। विभाग ने निर्माण में पाई गई खामियों और ग्रामीणों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार को तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्देश जारी किया है।
