सरायकेला में बिजली संकट से निपटने के लिए प्रशासनिक पहल, समस्या हो तो मोबाइल पर कॉल कर दें सूचना

सरायकेला: जिले में लगातार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्याओं से आम जनता को निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बिजली आपूर्ति में आ रही बाधाओं को दूर करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनने के लिए विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर विशेष पहल शुरू की है।
प्रशासन का सख्त रुख: बिजली कटौती पर लगाम
भीषण गर्मी और उमस के बीच अनियंत्रित बिजली कटौती ने नागरिकों का जीना मुहाल कर रखा है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि बिना किसी तकनीकी खराबी के बिजली नहीं काटी जानी चाहिए और यदि मरम्मत का काम हो, तो उसकी सूचना पहले से दी जाए।
उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
जनता की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए प्रशासन ने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अब उपभोक्ता बिजली गुल होने, ट्रांसफार्मर खराब होने या तार टूटने जैसी समस्याओं की जानकारी सीधे इन नंबरों पर दे सकते हैं। विभाग का दावा है कि इन नंबरों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों को ज्यादा समय तक अंधेरे में न रहना पड़े।

बुनियादी ढांचे में सुधार की योजना
बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कई इलाकों में जर्जर तारों और पुराने ट्रांसफार्मरों की वजह से आपूर्ति बाधित हो रही है। प्रशासन ने विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर जल्द से जल्द नए उपकरण लगाए जाएं। लोड शेडिंग को कम करने के लिए बिजली ग्रिड की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों की जवाबदेही तय
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फील्ड स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि वे फोन कॉल उठाएं और उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्रदान करें। प्रशासन खुद इन शिकायतों की निगरानी करेगा ताकि समस्या का समाधान समय सीमा के भीतर हो सके।
