बिष्टुपुर बार विवाद के बाद 6 थाना क्षेत्रों में धारा 163 लागू, धरना-प्रदर्शन और हथियारों पर रोक

झारखंड के जमशेदपुर शहर के अंतर्गत बिष्टुपुर इलाके में स्थित ‘डबल डाउन बार एंड रेस्टोरेंट’ के बाहर हुई हिंसक चाकूबाजी और करणी सेना के पदाधिकारी हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या के बाद प्रशासनिक महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर में सुरक्षा और अमन-चैन का माहौल कायम रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। धालभूम के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अर्नव मिश्रा ने क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्व में धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का फरमान जारी कर दिया है। यह दंडात्मक आदेश 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है और आगामी आदेश तक जारी रहेगा।
इन 6 थाना क्षेत्रों में लागू रहेंगे प्रतिबंध
स्थानीय खुफिया तंत्र और प्रशासन को ऐसी जानकारियां मिली थीं कि बार में हुई इस सनसनीखेज वारदात के विरोध में कुछ गुट और सामाजिक-राजनीतिक संगठन बड़े पैमाने पर चक्का जाम, उग्र धरना-प्रदर्शन और रैलियां निकालने की योजना बना रहे हैं। इस वजह से सार्वजनिक शांति और यातायात व्यवस्था चरमरा सकती थी। किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए प्रशासन ने शहर के निम्नलिखित छह संवेदनशील पुलिस थाना क्षेत्रों में कड़े प्रतिबंध आयद कर दिए हैं:
- साकची
- बिष्टुपुर
- सोनारी
- कदमा
- एमजीएम
- मानगो
क्या हैं मुख्य प्रतिबंध?
अनुमण्डल दण्डाधिकारी न्यायालय की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आदेश पत्र के मुताबिक, प्रतिबंधित किए गए सभी छह थाना क्षेत्रों के भीतर नीचे दी गई गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी:
- प्रदर्शन पर पूरी रोक: चिन्हित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की नारेबाजी, धरना, घेराव, विरोध मार्च अथवा पुतला दहन जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी।
- हथियारों के प्रदर्शन पर पाबंदी: सार्वजनिक स्थानों पर लाठी-डंडे, पारंपरिक तीर-धनुष, भाला, गड़ासा या किसी भी किस्म के घातक धारदार अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- ध्वनि विस्तारक यंत्र: प्रशासन की पूर्व लिखित अनुमति के बिना किसी भी तरह के लाउडस्पीकर, डीजे या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
- भीड़ जमा करने की मनाही: उपद्रव फैलाने या माहौल बिगाड़ने की नीयत से 5 या उससे ज्यादा व्यक्तियों के एक जगह पर एकत्रित होने (गैरकानूनी जमावड़े) पर कानूनी रोक रहेगी।
किन्हें मिलेगी छूट?
प्रशासन द्वारा जारी की गई इस निषेधाज्ञा से आवश्यक सेवाओं को दूर रखा गया है। ऑन-ड्यूटी तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिस बल के जवान, सुरक्षा अधिकारी, स्वास्थ्य एवं चिकित्साकर्मी और प्राधिकृत मीडियाकर्मियों (पत्रकारों) को इस आदेश के दायरे से अलग रखते हुए पूरी छूट दी गई है।
